मन लगा रे अवध तेरी गलियाँ में

  • Man Laga Re Awadh Teri Galiyan Mein

मन लगा रे लगा रे लगा
अवध तेरी गलियाँ मे

मान लगा रे लगा रे लगा
अवध तेरी गलियाँ में
श्री राम जय राम जय जय राम

मन लगा रे लगा रे लगा
मन लगा रे लगा रे लगा
अवध तेरी गलियाँ में
श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम

राम सिया नित ध्याईीए
कर सदगुरु को ध्यान
गाइयो गुण अवध को
कर सरयू स्नान

जन्मे जहा पे सारे जाग को रचाइया
दिखते है कन कन में राम रमैया

रस जगा जगा जगा
रस जगा रे रस जगा रे
भक्ति रस जगा रे
अवध तेरी गलियाँ में

मन लगा रे लगा रे लगा
अवध तेरी गलियाँ में
श्री राम जय राम जय जय राम

श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम

छोड़ जगत को काज सकल
करियो एक ही काम
भाजो नित दिन राम रामा
बाशिहो अयोध्या धाम

बिना जतन कोई हीरा जो पाए
पाके रतन कोई कैसे गववे
दुख भगा रे भगा रे
दुख भगा रे सकल दुख भगा
अवध तेरी गलियाँ मे

मन लगा रे लगा रे लगा
अवध तेरी गलियाँ मे
श्री राम जय राम जय जय राम

राम राम खोजत फिरा
खोजा चारो धाम
राम राम जब रत लगी
मिले नाम मोहे राम

पीवे पपिहा जो स्वातिं को पानी
वैसे ही पीवे भजन रस ज्ञानी

मान अनुरागा अनुरागा
अनुरागा रे मान अनुरागा रे
मन अवध तेरी गलियाँ में

मान लगा रे लगा रे लगा
अवध तेरी गलियाँ मे

श्री राम जय राम जय जय राम
श्री राम जय राम जय जय राम

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