राधा के बनवारी मोहन मुरारी हे श्याम सुंदर सलोना
राधा के बनवारी मोहन मुरारी
हे श्याम सुंदर सलोना।।
राधा के बनवारी मोहन मुरारी
हे श्याम सुंदर सलोना।।
जग की विपदा तुम्हारे ताली मुरारी
मेरी भी विंटी सुनो ना
मुझसे करदो कृपा
मुझसे करदो कृपा
थोडी करदो कृपा।।
राधा के बनवारी मोहन मुरारी
हे श्याम सुंदर सलोना।।
मेरे बंधन छूड़ा दो प्रभु
मेरी मुक्ति करादो प्रभु
प्रेम भक्ति दिलादो प्रभु
अपना रूप लाखा दो प्रभु
अपनी करुणा के बरसातो बादल
तुम्हारी वृंदा विपिन ले चलो ना
जग की विपदा तुम्हारे ताली मुरारी
मेरी भी विंटी सुनो ना
राधा के बनवारी मोहन मुरारी
हे श्याम सुंदर सलोना।।
तुमने ही तो ये दुनिया बनाई
सब में तेरी ही ज्योति समयी
फिर भी क्यों तुमने शुद्ध बिसरयी
गिरधारी हे कृष्ण कन्हाई
सबके जीवन की चाही है
हटो में तेरे
हम सब हैं तेरा खिलौना
जग की विपदा तुम्हारे ताली मुरारी
मेरी भी विंटी सुनो ना
राधा के बनवारी मोहन मुरारी
हे श्याम सुंदर सलोना।।
तेरा सुमिरन है माधव मुकुंद
काटे दुखो और कस्तो के फंडा
गऊ दिन रात राधे गोविंदा
ब्रज चंदा ओ नगर नंदा
ऋषि चाहे बस तेरी कृपा की नज़र
ऐसे निराश मुझको करो ना
जग की विपदा तुम्हारे ताली मुरारी
मेरी भी विंटी सुनो ना
राधा के बनवारी मोहन मुरारी
हे श्याम सुंदर सलोना।।
