रोज-रोज तुझे क्या बतलाऊँ अपने मन की बात
रोज रोज तुझे क्या बतलाऊँ, अपने मन की बात-०२
छोटी सी अर्जी मेरी, अब तो सुनो घनश्याम-०२
रोज रोज तुझे क्या बतलाऊँ, अपने मन की बात,
छोटी सी अर्जी मेरी, अब तो सुनो घनश्याम-०२
कब से तुम्हें पुकार रहा है दास तेरा-०२
तुम आओगे पूरा है विश्वास मेरा-०२
तेरे भरोसे काट रहा हूँ, संकट के दिन रात-०२
छोटी सी अर्जी मेरी, अब तो सुनो घनश्याम-०२
मेरी बात निहार रही अंखियाँ मेरी-०२
अंतर्यामी श्याम लगाई क्यों मेरी-०२
क्षमा करो हे दीन दयालु, मेरे सब अपराध-०२
छोटी सी अर्जी मेरी, अब तो सुनो घनश्याम-०२
और इसे भी देखें: जितना दिया सरकार ने मुझको
नजर दया की कर दो, हे करुणा सागर-०२
करता हूँ अरदास, सम्भालो अब आकर-०२
बीत जाए संकट की घड़ी, रखना सिर पर तुम हाथ-०२
छोटी सी अर्जी मेरी, अब तो सुनो घनश्याम-०२
भक्त की अर्जी को तुम अब स्वीकार करो-०२
दास हूँ तेरा मुझको मत इंकार करो-०२
तुम्हीं मेरे इष्ट देव हो, तुम्हीं पिता और माँ-०२
छोटी सी अर्जी मेरी, अब तो सुनो घनश्याम-०२


