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नवरात्रों में मेरी माँ ने बुलाया है

  • Navratron Mein Meri Maa Ne Bulaya Hai

नवरातों में मेरी, माँ ने बुलाया है-०२
ओ बेटे को इसने हरदम, गोद में सुलाया है,
बेटे को इसने हरदम, गोद में सुलाया है।

सपने में आकर मुझको, दर्श दिखाया है,
भक्ति से खुश हूँ तेरी, क्यों घबराया है,
सपने में आकर मुझको, दर्श दिखाया है,
भक्ति से खुश हूँ तेरी, क्यों घबराया है,
मेरे नाम का तुमने, जाप लगाया है-०२
ओ बेटे को इसने हरदम, गोद में सुलाया है,
बेटे को इसने हरदम, गोद में सुलाया है।

तेरे घर के सामने, मुझको बिठा ले,
नौ दिन के हैं नवरातें, ज्योत तू जगा ले,
तेरे घर के सामने, मुझको बिठा ले,
नौ दिन के हैं नवरातें, ज्योत तू जगा ले,
बनवा दूंगी, सपनो का महल जो बनाया है-०२
ओ बेटे को इसने हरदम, गोद में सुलाया है,
बेटे को इसने हरदम, गोद में सुलाया है।

रस्ते मैं है जो कांटे, फूल मैं बिछाऊँगी,
हारी जो बाजी तुमने, जीत मैं दिलाऊंगी,
रस्ते मैं है जो कांटे, फूल मैं बिछाऊँगी,
हारी जो बाजी तुमने, जीत मैं दिलाऊंगी,
तेरे सर के ऊपर, मेरी आँचल की छाया है-०२
ओ बेटे को इसने हरदम, गोद में सुलाया है,
बेटे को इसने हरदम, गोद में सुलाया है।

और इसे भी देखें: मैया का ये रूप सुहाना लगता है

सुनील शर्मा, तुम मेरा दामन ना छोड़ना,
माँ और बेटे का रिश्ता, कभी मत तोड़ना,
सुनील शर्मा, तुम मेरा दामन ना छोड़ना,
माँ और बेटे का रिश्ता, कभी मत तोड़ना,
विजय राजपूत को भी, शरण लगाया है-०२
ओ बेटे को इसने हरदम, गोद में सुलाया है,
बेटे को इसने हरदम, गोद में सुलाया है।


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