मैया का ये रूप सुहाना लगता है
ॐ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
मेरी मैया का ये रूप सुहाना लगता है,
मैया का ये रूप सुहाना लगता है, और भक्तों का भी दिल दीवाना लगता है,
हो मैया का ये रूप सुहाना लगता है,
मैया का ये रूप सुहाना लगता है, और भक्तों का भी दिल दीवाना लगता है-०२
पल भर में भर देते हैं झोली खाली,
अरे पल भर में भर देते हैं झोली खाली,
इनसे तो रिश्ता पुराण लगता है,
ओ ओ ओ…
मैया का ये रूप सुहाना लगता है, और भक्तों का भी दिल दीवाना लगता है,
हो ओ ओ ओ…
मैया का ये रूप सुहाना लगता है, भक्तों का भी दिल दीवाना लगता है।
जय हो !
लाल जोड़े में सजी है, चाँद सी मैया,
खूब गहनों में लदी हैं, प्यारी सी मैया,
हो ओ ओ ओ…
लाल जोड़े में सजी है, चाँद से मैया,
खूब गहनों में लदी हैं, प्यारी सी मैया,
अरे इनका, इनका, इनका,
इनका तो मुखड़ा सलोना लगता है,
अजी इनका तो मुखड़ा सलोना लगता है, और भक्तों का तो दिल दीवाना लगता है,
हो मैया का ये रूप सुहाना लगता है, भक्तों का भी दिल दीवाना लगता है।
लम्बे-लम्बे बालों के क्या खूब लगा गजरा,
तीखे-तीखे नैनों में है सज रहा कजरा,
हो ओ ओ ओ…
लम्बे-लम्बे बालों के क्या खूब लगा गजरा,
तीखे-तीखे नैनों में है सज रहा कजरा,
हाथों का, अरे हाथों का,
हाथों का कंगना,
बोलिये सच्चे दरबार की- जय !
कहते हैं की मौज सबको नसीब नहीं होती,
जिंदगी सबकी खुशनसीब नहीं होती,
अरे जिसे मिल जाती है माँ की चरणों की धुल,
उसकी जिंदगी कभी बदनसीब नहीं होती।
बोलिये दुर्गा महरानी की जय !
हाथों का कंगन सुहाना लगता है,
अरे हाथों का कंगन सुहाना लगता है, भक्तों का भी दिल दीवाना लगता है,
हो ओ ओ ओ
मैया का ये रूप सुहाना लगता है, भक्तों का भी दिल दीवाना लगता है।
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अरे पीले-पीले शेर पर बैठी मेरी नैया,
पार करने आ गयी है सबकी ये नैया,
हो ओ ओ ओ…
पीले-पीले शेर पर बैठी मेरी नैया,
अरे पार करने आ गयी है सबकी नैया,
इनका, इनका,
इनका तो दरबार सुहाना लगता है,
अजी इनका के दरबार सुहाना लगता है, और भक्तों का भी दिल दीवाना लगता है,
हो ओ ओ ओ…
मैया का ये रूप सुहाना लगता है, और भक्तों का भी दिल दीवाना लगता है,
पल भर में भर देते हैं सबकी झोली,
ओ पल भर में भर देते हैं सबकी झोली,
इनसे तो रिश्ता पुराना लगता है,
हो ओ ओ ओ…
मेरी मैया का ये रूप सुहाना लगता है,
हो मैया का ये रूप सुहाना लगता है, और भक्तों का भी दिल दीवाना लगता है,
मैया का ये रूप सुहाना लगता है, भक्तों का भी दिल दीवाना लगता है,
हो भक्तों का भी दिल दीवाना लगता है,
अरे भक्तों का भी दिल दीवाना लगता है।
बोलिये सच्चे दरबार की- जय !



