ना तो सत्संग भजन का ना अमृत पिया

  • Na To Satsang Bhajan Ka Na Amrit Piya


भजो रे सीता राम सीता राम सीता राम
कहो रे सीता राम सीता राम सीता राम।।

ना तो सत्संग भजन का ना अमृत पिया
तन ये मानव का पा केर भी क्या किया
जिसने तुझको ये अनमोल अवसर दिया
वो गवया तो जीवन में क्या पा लिया।।

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