ना मैं मीरा ना मैं राधा
ना मैं मीरा ना मैं राधा-०२
ना मैं मीरा ना मैं राधा, फिर भी श्याम को पाना है,
फिर भी श्याम को पाना है,
श्याम बिना क्या जीना जग में, सारा जग बेगाना है,
ना मैं मीरा ना मैं राधा-०२
जबसे तेरी सूरत देखी, उसमे प्रेम की मूरत देखी,
उसमे प्रेम की मूरत देखी,
जबसे तेरी सूरत देखी, उसमे प्रेम की मूरत देखी,
अपना तुझे बनाना है, अपना तुझे बनाना है,
ना मैं मीरा ना मैं राधा-०२
फिर भी श्याम को पाना है-०२
ना मैं मीरा ना मैं राधा।
जब तप साधन कुछ ना जानूं, अपनी लगन को सबकुछ मानूं,
अपनी लगन को सबकुछ मानूं,
जब तप साधन कुछ ना जानूं, अपनी लगन को सबकुछ मानूं,
दिल का दर्द सुनना है, दिल का दर्द सुनना है,
ना मैं मीरा ना मैं राधा-०२
फिर भी श्याम को पाना है-०२
ना मैं मीरा ना मैं राधा।
इसे अवश्य सुनें: श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी
जनम-जनम से भूली तुमको, अब जाकर हूँ जानी तुमको,
अब जाकर हूँ जानी तुमको,
जनम-जनम से भूली तुमको, अब जाकर हूँ जानी तुमको,
अब ना तुम्हें भुलाना है, अब ना तुम्हें भुलाना है,
ना मैं मीरा ना मैं राधा-०२
फिर भी श्याम को पाना है-०२
ना मैं मीरा ना मैं राधा।
दासी तेरी शरण में आयी, लगन मिलन की मन में समायी,
लगन मिलन की मन में समायी,
दासी तेरी शरण में आयी, लगन मिलन की मन में समायी,
चरणों में शीश झुकाना है, चरणों में शीश झुकाना है,
ना मैं मीरा ना मैं राधा-०२
फिर भी श्याम को पाना है-०२
ना मैं मीरा ना मैं राधा-०३
फिर भी श्याम को पाना है, फिर भी श्याम को पाना है,
ना मैं मीरा ना मैं राधा।
