मेरी बाँह पकड़ लो इक बार सांवरिया गिरधारी

  • Meri Baah Pakad Lo Ek Baar Saawariya Girdhari

मेरी बाँह पकड़ लो इक बार सांवरिया गिरधारी
मेरी बाँह पकड़ लो इक बार सांवरिया गिरधारी।।

मेरी बाँह पकड़ लो इक बार सांवरिया गिरधारी
मैं तो जाऊँ तुझ पर कुर्बान सांवरिया गिरधारी।।

मेरी बाँह पकड़ लो इक बार सांवरिया गिरधारी
मैं तो जाऊँ तुझ पर कुर्बान सांवरिया गिरधारी
हे गोपाल ! हे गोपाल ! हे गोपाल।।

तुम हो महान मैं अल्पजीव, फिर महिमा कैसे गाऊँ
तुम रोम रोम में रमे हुए, हाय फिर भी समझ न पाऊँ।।

हो कृपा राधिका रानी की
इस उलझन को सुलझाऊँ
इस सूखे नीरस जीवन में
मैं प्रेम सुधा सरसाऊँ

मेरी बाँह पकड़ लो इक बार सांवरिया गिरधारी
मैं तो जाऊँ तुझ पर कुर्बान सांवरिया गिरधारी।।
हे गोपाल ! हे गोपाल ! हे गोपाल !

माना मैं इस योग्य नहीं
कि तेरी कुछ कहलाऊँ
माना मैं इस योग्य नहीं
धर भेंट तुम्हें अपनाऊँ।।

माना मैं इस योग्य नहीं
निज भाव तुम्हें समझाऊँ।।

प्यारे मधुर तान नहीं, रूप मान नहीं
फिर कैसे तुम्हें रिझाऊं।।

पर लोग कहें मैं तेरी चाकर
मैं दरदर ठोकर खाऊँ।।

न तरसा मेरे बांके प्रियतम
मैं तेरी हो इतराऊं।।

मेरी बाँह पकड़ लो इक बार सांवरिया गिरधारी
मैं तो जाऊँ तुझ पर कुर्बान सांवरिया गिरधारी
हे गोपाल ! हे गोपाल ! हे गोपाल।।

सांवरिया दे जाना आकर एक सहारा
मेरा कोई नहीं प्रभु तुम बिन

अब सन्मुख हाथ पसारा
सांवरिया दे जाना आके एक सहारा

मेरा कोई नहीं प्रभु तुम बिन
अब सन्मुख हाथ पसारा।।

जग का मेला भूल भुलैया
बिछड़ गए मोरे सदके सैंया।।

प्रीतम आए पकड़ लो बहियाँ
साजन आए पकड़ लो बहियाँ।।

सांवरिया दे जाना आकर एक सहारा
मेरा कोई नहीं प्रभु तुम बिन।।

मेरा कोई नहीं प्रभु तुम बिन
अब सन्मुख हाथ पसारा।।

मेरी बाँह पकड़ लो इक बार सांवरिया गिरधारी
मैं तो जाऊँ तुझ पर कुर्बान सांवरिया गिरधारी
हे गोपाल ! हे गोपाल ! हे गोपाल।।

कहीं अकेली छोड़ न देना
इस दुखिया से मुँह मोड़ न लेना

आशा मेरी तोड़ न देना
मैंने सब कुछ तुम पे वारा।।

सांवरिया दे जाना आकर एक सहारा
मेरा कोई नहीं प्रभु तुम बिन।।

मेरा कोई नहीं प्रभु तुम बिन
अब सन्मुख हाथ पसारा।।

मेरी बाँह पकड़ लो इक बार सांवरिया गिरधारी
मैं तो जाऊँ तुझ पर कुर्बान सांवरिया गिरधारी
हे गोपाल ! हे गोपाल ! हे गोपाल।।

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