मेरे सिंदूरी हनुमान

  • Mere Sinduri Hanuman

जो सब के काम बनाते जो संकट सभी मिटाते है,
जो सब के नाम बनाते जो संकट सभी मिटाते है,
और पवन के जैसी चाल है,
जिनकी जो अंजनी पुत्र कहलाते है,
भावुक हो कर गले लगाए,
हिरदये स्वयम श्री राम,
सिंदूरी हनुमान मेरे सिंदूरी हनुमान,
वो है सिंदूरी हनुमान मेरे सिंदूरी हनुमान।।

मंगलवार को शनिवार को जो सिन्धुर चढ़ाते है,
जो सिन्धुर चढ़ाते है जो सिन्धुर चढ़ाते है,
पूजा करके बजरंग को मिष्ठान का भोग लगाते है,
कहने से पहले ही पुरे होते सब काम,
वो है सिंदूरी हनुमान मेरे सिंदूरी हनुमान,
सिंदूरी हनुमान मेरे सिंदूरी हनुमान।।

मेरे बजरंग के आगे दुनिया का हर रंग फीका है,
हनुमान जी को खुश करने का सरल तरीका है,
इनको खुश करना हो तो बस बोलो जय श्री राम,
वो है सिंदूरी हनुमान मेरे सिंदूरी हनुमान,
सिंदूरी हनुमान मेरे सिंदूरी हनुमान।।

हनुमान जी की तरफ जो भी दो कदम बढ़ाते है,
उन सब भगतो के लिए हनुमान सो कदम बढ़ाते है,
करते है मालामाल उसे जो सेवा करे निष् काम,
वो है सिंदूरी हनुमान मेरे सिंदूरी हनुमान,
सिंदूरी हनुमान मेरे सिंदूरी हनुमान।।

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