मेरे माता पारवती पिता हैं भोलेनाथ
माँ गौरा माता है मेरी, पिता हैं भोलेनाथ जी-०२
मेरे सर पे सदा हीं रहता, आप दोनों का हाथ जी-०२
माँ गौरा माता है मेरी, पिता हैं भोलेनाथ जी-०२
मेरे सर पे सदा हीं रहता, आप दोनों का हाथ जी-०२
ना पूजा ना जप तप जानूं , भक्ति से अनजान हूँ मैं,
लाख बुराई है मुझमें, पर आपकी हीं संतान हूँ मैं,
ना पूजा ना जप तप जानूं , भक्ति से अनजान हूँ मैं,
लाख बुराई है मुझमें, पर आपकी हीं संतान हूँ मैं,
उमापति तुम जगत पिता हो, मैं तो नाथ अनाथ जी-०२
मेरे सर पे सदा हीं रहता, आप दोनों का हाथ जी-०२
बड़े भाग्य से हीं हमको तो, ये सच्चा दरबार मिला,
भोलेबाबा की कृपा, और माँ गौरा का प्यार मिला,
बड़े भाग्य से हीं हमको तो, ये सच्चा दरबार मिला,
भोलेबाबा की कृपा, और माँ गौरा का प्यार मिला,
ये तो कृपा आपकी है, मेरी क्या औकात जी-०२
मेरे सर पे सदा हीं रहता, आप दोनों का हाथ जी-०२
और इस भजन को भी देखें : ऐसी किस्मत जगाओ भोले मेरे
जिस रस्ते पे ले जाओ तुम, उस रस्ते पे चलना है,
घुल मिल तो हम शिव शंभू के, चरणों में हीं रहना है,
जिस रस्ते पे ले जाओ तुम, उस रस्ते पे चलना है,
घुल मिल तो हम शिव शंभू के, चरणों में हीं रहना है,
दर तेरा मैं छोड़ू ना, चाहे कैसे हो हालत जी-०२
मेरे सर पे सदा हीं रहता, आप दोनों का हाथ जी-०२
माँ गौरा माता है मेरी, पिता हैं भोलेनाथ जी-०२
मेरे सर पे सदा हीं रहता, आप दोनों का हाथ जी-०२
हाँ मेरे सर पे सदा हीं रहता, आप दोनों का हाथ जी,
मेरे सर पे सदा हीं रहता, आप दोनों का हाथ जी,
अजी सर सिर पे सदा हीं रहता, आप दोनों का हाथ जी,
मेरे सर पे सदा हीं रहता, आप दोनों का हाथ जी।

