मेरे मालिक बुला रहे हैं
मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ,
मेरे मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ,
नौकर हूँ सांवरे का,
नौकर हूँ सांवरे का, सेवा निभा रहा हूँ,
मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ।
कितना सुखी है जीवन, मैं हीं तो जनता हूँ-०२
इसकी बजह ऐ लोगों, उनको हीं मानता हूँ-०२
वो हीं गवा रहे हैं,
वो हीं गवा रहे हैं, तो हीं तो गा रहा हूँ,
मालिक बुला रहे मुझको, खाटू में जा रहा हूँ,
मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ।
किसी और की तरफ, झांकना नहीं पड़ता,
किसी और की तरफ, अब झांकना नहीं पड़ता,
जब मालिक हों श्याम बाबा जैसा, तब झोली पसारकर माँगना नहीं पड़ता।
खाटूश्याम बाबा के लोकप्रिय भजन: लिख डाली ज़िंदगानी तेरे नाम सांवरे
औकात से भी बढ़कर, मुझको वो दे रहे हैं-०२
बदले में श्याम बाबा, कुछ भी ना ले रहे हैं-०२
उनके दिए हुए से,
उनके दिए हुए से, उनको हीं दे रहा हूँ,
मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ,
मेरे मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ।
बेरंग जिंदगी को, रंगों से भर दी बाबा-०२
मित्तल के लिए तुमने, हद पार कर दी बाबा-०२
उनकी कलम से हीं देखो,
उनकी कलम से हीं देखो, उनको हीं लिख रहा हूँ,
मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ,
मेरे मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ,
सेवक हूँ सांवरे का,
सेवक हूँ सांवरे का, सेवा निभा रहा हूँ,
मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ,
मेरे मालिक, मेरे मालिक,
मेरे मालिक बुला रहे हैं, खाटू में जा रहा हूँ।





