मैं तो जोगन बन गयी मैया तेरे दरबार की
मैं तो जोगन बन गयी मैया, तेरे दरबार की-०२
मैंने छोड़ दी अब तो चिंता,
मैंने छोड़ दी अब तो चिंता, सारे संसार की,
मैं तो जोगन बन गयी मैया, तेरे दरबार की-०२
तेरे नाम की ओढ़ी चुनरिया, तेरी हीं महिमा गाऊं-०२
तेरी याद में डूबी रहूं मैं, भक्ति में खो जाऊं-०२
साँसों में तेरा नाम बसा,
साँसों में तेरा नाम बसा, सुध ना घर वार की,
मैं तो जोगन बन गयी मैया, तेरे दरबार की-०२
मन का मेरे मयूरा अम्बे, उड़ उड़ द्वार पे आये,
मन का मेरा मयूरा अम्बे, उड़ उड़ द्वार पे आये,
दुनिया के सुख चैन ना मैया, मन को मेरे लुभाये-०२
कानों से बस गूँज उठे,
कानों में बस गूंज उठे, तेरे जय जयकार की,
मैं तो जोगन बन गयी मैया, तेरे दरबार की-०२
और इसे भी देखें: ओढ़ी जब से चुनरिया माँ तेरी
माटी में मिल जाए कहीं ना, अरमानों के मोती-०२
ह्रदय में मेरे सदा विराजे, माँ तेरी पावन ज्योति-०२
केवल अब अंखिया प्यासी,
केवल अब अंखिया प्यासी, तेरे दीदार की,
मैं तो जोगन बन गयी मैया, तेरे दरबार की-०२
