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ओढ़ी जब से चुनरिया माँ तेरी

  • Odhi Jab Se Chunariya Maa Teri

जय माँ जय माँ, जय जय अम्बे माँ !

ओढ़ी जब से चुनरिया माँ तेरी, लोग पागल बताने लगे है-०४
शम्मा रौशन, शम्मा रौशन,
शम्मा रौशन हुई है ये उतनी, इसे जितना बुझाने लगे हैं,
ओढ़ी जब से चुनरिया माँ तेरी, लोग पागल बताने लगे है-०२

शेरावाली जोतावाली, मेरी अम्बे माँ !
मेरी कैसी लगन है माँ तुझसे, दिल का आलम तुहीं जानती है,
दिल का आलम तुहीं जानती है, दिल का आलम तुहीं जानती है,
मेरी कैसी लगन है माँ तुझसे, दिल का आलम तुहीं जानती है,
दिल का आलम तुहीं जानती है, दिल का आलम तुहीं जानती है,
जिन चेहरों पे चेहरे लगे हैं,
जिन चेहरों पे चेहरे लगे हैं, मुझे शीशा दिखने लगे हैं,
ओढ़ी जब से चुनरिया माँ तेरी, लोग पागल बताने लगे है-०२

तेरे होते फ़िक्र मुझको कैसी, नजदीकियां बढ़ती रहेंगी,
नजदीकियां बढ़ती रहेंगी, नजदीकियां बढ़ती रहेंगी,
तेरे होते फ़िक्र मुझको कैसी, नजदीकियां बढ़ती रहेंगी,
नजदीकियां बढ़ती रहेंगी, नजदीकियां बढ़ती रहेंगी,
जिन झोकों से झड़ते हैं पत्तें,
जिन झोकों से झड़ते हैं पत्तें, वो झोके भी आने लगे हैं,
ओढ़ी जब से चुनरिया माँ तेरी, लोग पागल बताने लगे है-०२

शेरावाली जोतावाली, मेरी अम्बे माँ !
भक्ति की राह में जो है बाधा, दे रहा है वो मंजर दिखाई,
दे रहा है वो मंजर दिखाई, दे रहा है वो मंजर दिखाई,
भक्ति की राह में जो है बाधा, दे रहा है वो मंजर दिखाई,
दे रहा है वो मंजर दिखाई, दे रहा है वो मंजर दिखाई,
मेरी अम्बे सदा लाज रखना,
मेरी अम्बे सदा लाज रखना, सब अपने बेगाने लगे हैं,
ओढ़ी जब से चुनरिया माँ तेरी, लोग पागल बताने लगे है-०२

और इसे भी देखें : हर फूल में तेरी खुशबू हर ज्योत में तेरा नूर

ये कैसा जहां है कमल सिंह, बैर देखा भगत और जगत में,
बैर देखा भगत और जगत में, बैर देखा भगत और जगत में,
ये कैसा जहां है कमल सिंह, बैर देखा भगत और जगत में,
बैर देखा भगत और जगत में, बैर देखा भगत और जगत में,
तेरी भक्ति में मस्ती बड़ी है,
तेरी भक्ति में मस्ती बड़ी है, इस धुन में दीवाने लगे हैं,
ओढ़ी जब से चुनरिया माँ तेरी, लोग पागल बताने लगे है-०३


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