कृपा की न होती जो आदत तुम्हारी

  • Kripa Ki Naa Hoti Jo Aadat Tumhari

कृपा की न होती जो, आदत तुम्हारी
तो सूनी ही रहती, अदालत तुम्हारी

गोपाल सहारा तेरा है ,
हे नंद लाल सहारा तेरा है ,
मेरा और सहारा कोई नहीं
गोपाल सहारा तेरा है ,
हे नंद लाल सहारा तेरा है ,

ओ दीनो के दिल में, जगह तुम न पाते
तो किस दिल में होती, हिफाजत तुम्हारी
कृपा की न होती जो,

ग़रीबों की दुनियाँ है, आबाद तुमसे ,
ग़रीबों से है, बादशाहत तुम्हारी ,
कृपा की न होती जो,

न मुल्जिम ही होते, न तुम होते हाकिम,
न घर-घर में होती, इबादत तुम्हारी ,
कृपा की न होती जो,सामाजिक विज्ञान

तुम्हारी ही उल्फ़त के, द्रिग ‘बिन्दु’ हैं यह ,
तुम्हें सौंपते है, अमानत तुम्हारी ,
कृपा की न होती जो,

मिलते-जुलते भजन...