कान्हा का जन्मदिन
ओ मेरे कान्हा का जन्मदिन आया केक बनवाया, केक गोकुल में कटेगा-०२
ओ सज गयी आज देखो गोकुल की नगरी, भर-भर के लाये सब माखन की गगरी,
सज गयी आज देखो गोकुल की नगरी, भर-भर के लाये सब माखन की गगरी,
माखन की गगरी,
ओ चाँद धरती पे आज देखो आया ये मन हर्षाया, केक गोकुल में कटेगा,
ओ मेरे कान्हा का जन्मदिन आया केक बनवाया, केक गोकुल में कटेगा।
ओ नन्द के आनंद भयो, खुशियां ये छाई,
नन्द के आनंद भयो, खुशियां ये छाई,
हर घर में बंट रही, आज ये मिठाई,
आज ये मिठाई,
ओ ब्रज नगरी में रंग ये जमाया है ढोल बजवाया, केक गोकुल में कटेगा,
ओ मेरे कान्हा का जन्मदिन आया केक बनवाया, केक गोकुल में कटेगा।
ओ देवता भी मिल करके देते बधाई, यशोदा के घर में जन्में कृष्ण कन्हाई,
देवता भी मिल करके देते बधाई, यशोदा के घर में जन्में कृष्ण कन्हाई,
कृष्ण कन्हाई,
ओ सारा गाँव देखन को आया गोद है खेलाया, केक गोकुल में कटेगा,
ओ मेरे कान्हा का जन्मदिन आया केक बनवाया, केक गोकुल में कटेगा।
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ओ पलने में झूल रहे कृष्ण कन्हाई, नजर लगे ना बारे नून और राई,
पलने में झूल रहे कृष्ण कन्हाई, नजर लगे ना बारे नून और राई,
ओ शर्मा सुनील विजय के संग आया दरश मन भाया, केक गोकुल में कटेगा,
ओ मेरे कान्हा का जन्मदिन आया केक बनवाया, केक गोकुल में कटेगा,
गोकुल में कटेगा।
