उड़ गई रे नींदिया मेरी बंसी क्या श्याम ने बजाई रे
टेड़े टिपारे काटर किरीट पे
मांग की पाग की की जय जय
रज कुण्डल जाए कपोलन पे
मुस्कान हु भीर प्रहरी की जय जय
राजेश्वरी दिन रात रातो
और मोहन की बनवारी की जय जय
प्रेम से बोलो जी बोलत डोलो
बोलो श्री बांके बिहारी की जय जय
मोर मुकुट बंसी वाले की जय
उड़ गई रे नींदिया मेरी
बंसी क्या श्याम ने बजाई रे,
खो गया चेन मेरा,
सारी रात कल ना आयी,
उड़ गई रे निंदिया मेरी,
बंसी क्या श्याम ने बजाई रे॥
बंसी की तान सुनकर
मैं हैरान हो गई हूँ,
कहाँ पर बजी बता दो
मैं परेशान हो गई हूँ ,
सुनके तेरी मुरलिया
मुझे याद बहुत आयी।।
उड़ गई रे नींदिया मेरी
बंसी क्या श्याम ने बजाई रे,
खो गया चेन मेरा,
सारी रात कल ना आयी,
उड़ गई रे निंदिया मेरी,
बंसी क्या श्याम ने बजाई रे॥
छुप गया जाने कहाँ पर
मुरली दर्द की सुनाके,
इक बार फ़िर बजा दे
कान्हा सामने तो आके,
मैं तो हो गयी दीवानी
मुरली मेरे मन को भाई
उड़ गई रे नींदिया मेरी
बंसी क्या श्याम ने बजाई रे,।।
उड़ गई रे नींदिया मेरी
बंसी क्या श्याम ने बजाई रे,
खो गया चेन मेरा,
सारी रात कल ना आयी,
उड़ गई रे निंदिया मेरी,
बंसी क्या श्याम ने बजाई रे॥
छेड़ा ऐसा तराना
दिल के पार हो गया रे
ऐ मुरली वाले मोहन तुमसे
प्यार हो गया रे
गूंजी रे मेरे मन धुन
बांसुरी की ये सुहाई
उड़ गई रे नींदिया मेरी
बंसी क्या श्याम ने बजाई।।
उड़ गई रे नींदिया मेरी
बंसी क्या श्याम ने बजाई रे,
खो गया चेन मेरा,
सारी रात कल ना आयी,
उड़ गई रे निंदिया मेरी,
बंसी क्या श्याम ने बजाई ॥
आजाओ श्याम जल्दी से,
तेरी याद आ रही है,
रह रह के याद आके ,
मेरी जान जा रही है,
पागल सा हो गया हूँ ,
तेरी याद में कन्हाई ,
उड़ गई रे नींदिया मेरी,
बंसी क्या श्याम ने बजाई।।
उड़ गई रे नींदिया मेरी
बंसी क्या श्याम ने बजाई रे,
खो गया चेन मेरा,
सारी रात कल ना आयी,
उड़ गई रे निंदिया मेरी,
बंसी क्या श्याम ने बजाई रे॥

