कान्हा जो साथ हो
मोहन ठहर जाओ मन ये सम्भल जाए,
कैसे मैं वंदन करूँ,
तेरी शरण आके हर गम फिसल जाये,
नैनों में छवि भरूँ,
राधे राधे जाप करूँ,
कान्हा जो साथ हो, गिरधर जो साथ हो-०२
तेरी भक्ति में है सुख सारी,
तेरे चरणों के हम हैं प्यारे,
मुझे लगता है कृपा ये हरी की,
मिटाये दुविधा सारी जीवन की,
तुम श्याम हो, मेरे घनश्याम हो,
राधे की तुम्ही मुस्कान हो,
कान्हा जो साथ हो गिरधर जो साथ हो।
और इस भजन को भी देखें: सब तुझसे है तू हीं मुझमें है
पलकें झपकते हीं दर्शन जो मिल जाए,
बैठी बैठी माला जो तुम,
तेरी शरण आके हर गम फिसल जाये,
नैनों में छवि भरूँ,
राधे राधे जाप करूँ,
कान्हा जो साथ हो, गिरधर जो साथ हो-०२
तेरी लीला में है जग सारा,
वृन्दावन का तू है प्यारा,
तुझे लगता है ये सेवा मन की,
होगी भक्ति से पूरी हमारी,
तुम पास हो तो सबकुछ स्वर्ग है,
सुखमय ये जिंदगी का सफर है,
कान्हा जो साथ हो, गिरधर जो साथ हो-०२
मन ये संभल जाए, कान्हा हो साथ हो,
हर गम फिसल जाये, कान्हा जो साथ हो,
दर्शन ये मिल जाए, कान्हा जो साथ हो,
हर गम फिसल जाये।


