हनुमान के बिना श्री राम नहीं रहते
हनुमान के बिना श्री राम नहीं रहते
प्रभु का प्रेम देख के हम भक्त तो यही कहते
बोलो श्री राम जी की जय जय
बोलो हनुमान जी की जय जय।।
हनुमान जी की शरण जो आते है
श्री राम जी मोहर लगते है।।
हनुमान चाहे जिसको उसका बेड़ा पर है
भक्त करले सच्ची भक्ति तेरा उधर है
बजरंगी कल्याणी है।।
बोलो श्री राम जी की जय जय
बोलो हनुमान जी की जय जय।।
संकट मोचन हनुमान है
दुखियो के दया निधन है।।
माँग ले बाबा से करते सपना साकार है
भक्तो से करते प्यार दुष्टो का करते संहार।।
तोड़ ते दुश्मनो की नली
बोलो श्री राम जी की जय जय
बोलो हनुमान जी की जय जय।।
जपले जे जे बजरंग बलि
भरते भनगर गली गली।।
ख़ाता चल भंडारा बड़े मंगल की बाहर है
मंगल शनिवार को लूटता बाबा प्यार है।।
लूट बाबा का प्यार तू भी
बोलो श्री राम जी की जय जय
बोलो हनुमान जी की जय जय।।

