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देख के श्रृंगार माँ का

  • Dekh Ke Shringar Maa Ka

देख के श्रृंगार माँ का, दिल दीवाना हो गया-०२
पावन अलौकिक रूप से, रौशन जमाना हो गया,
देख के श्रृंगार माँ का, दिल दीवाना हो गया,
माथे पे मुकुट सोहे, कानों में वालें,
चमके तेरी चुनरी में, सितारे निराले,
आँखों में ममता का सागर समाया,
मईया के दर्शन से जग जगमगाया,
एक हीं झलक में, मन भक्ति में खो गया,
देख के श्रृंगार माँ का, दिल दीवाना हो गया-०२

चंदा से मुखड़े पे, कजरे की धारी
लगती है कितनी माँ, पावन प्यारी,
रेशमी अलकों में, मोतियां की माला,
चरों तरफ फैले, ज्योति का उजाला,
इतनी अलौकिक को, नजर ना लग जाए,
काजल का टीका, तेरे गालों पे सजाएँ,
राई और नमक से, वारुं तो मैं मईया,
चरणां में शीश धरूँ, ले लूँ बलइया,
लाड़ लड़ाके, आज भाग्य जग गया,
देख के श्रृंगार माँ का, दिल दीवाना हो गया-०२

लाल लाल चोला, माँ के अंग पे सुहाए,
दर पे जो आये माँ के, सबकुछ वो पाए,
ममता के आँचल में, सबको छुपाया,
जिसने ध्याया उसे, गले से लगाया,
हाथों में मंजीरे लेके, महिमा मैं गाउँ,
जन्मों की प्यास, आज मन की बुझाऊँ,
चरणों में आके, मुझे सबकुछ मिल गया,
देख के श्रृंगार माँ का, दिल दीवाना हो गया-०२

और इस भजन को भी देखें: मैं हूँ तेरी बेटी तू है मेरी माता

दसों भुजाओं में अस्त्र चमकाएं,
सिंह पे सवार होक, माँ सामने आएं,
साक्षात दर्शन से नैन हुए पावन,
महक उठा आज जीवन का आँगन।


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