छोड़ के धन दौलत हमें प्रभु घर जाना है
छोड़ के धन दौलत, हमें प्रभु घर जाना है-०२
एक रोटी के टुकड़े पर, क्यों लड़ता जमाना है-०२
छोड़ के धन दौलत, हमें प्रभु घर जाना है-०२
दुर्योधन ने युद्ध जीता, छल करके युधिष्ठिर से-०२
तेरह बरस उनको नहीं, शक्ल दिखाना है-०२
छोड़ के धन दौलत, हमें प्रभु घर जाना है-०२
बाली ने कहा, मेरी तुम सुन लेना भगवन-२
एक मारा है एक तारा, भाई-भाई से बेगाना है-०२
छोड़ के धन दौलत, हमें प्रभु घर जाना है-०२
इसे भी देखें: मनवा दुखी बाटे
विभीषण ने रावण को, सिया चोर बताया है-०२
तेरी मर्यादा नहीं, तूने राम को रुलाया है-०२
छोड़ के धन दौलत, हमें प्रभु घर जाना है-०२

