चित्रकूट के तीर पे भई संतन की भीड़
चित्रकूट के तीर पे
भई संतन की भीड़,
राम मेरे आ जाओ,
तुलसीदास जी गुण तेरे गायें,
आके बंधाओ धीर,
राम मेरे आ जाओ।।
चित्रकूट के तीर पे
भई संतन की भीड़,
राम मेरे आ जाओ,
तुलसीदास जी गुण तेरे गायें,
आके बंधाओ धीर,
राम मेरे आ जाओ।।
तेरे लिए रामजी चंदन घींसा है,
चंदन घींसा है,
तेरे लिए रामजी चंदन घींसा है,
चंदन घींसा है,
आ के लगाओ माथ,
माथ सब भगतन के साथ
राम मेरे आ जाओ ।।
चित्रकूट के तीर पे
भई संतन की भीड़,
राम मेरे आ जाओ,
तुलसीदास जी गुण तेरे गायें,
आके बंधाओ धीर,
राम मेरे आ जाओ।।
लखन सिया को
प्रभु भूल ना जाना,
भूल ना जाना,
लखन सिया को
प्रभु भूल ना जाना,
भूल ना जाना,
संग लावो हनूवीर
वीर जी भक्त बड़े हैं अधीर,
राम मेरे आ जाओ।।
चित्रकूट के तीर पे
भई संतन की भीड़,
राम मेरे आ जाओ,
तुलसीदास जी गुण तेरे गायें,
आके बंधाओ धीर,
राम मेरे आ जाओ।।
आके मन्दाकिनी गंगा में नहाओ,
गंगा में नहाओ,
पावन पावंन नीर नीर में
शीतल करो शरीर,
राम मेरे आ जाओ,
चित्रकूट के तीर पे
भई संतन की भीड़,
राम मेरे आ जाओ।।
तुलसीदास जी गुण तेरे गायें,
आके बंधाओ धीर,
राम मेरे आ जाओ,
मीठे मीठे कंदमूल चुन चुन लाये,
चुन चुन लाये,
मीठे मीठे कंदमूल चुन चुन लाये,
चुन चुन लाये,
भोर बनायी खीर खीर
भोग लगाओ मेरे रघुवीर,
राम मेरे आ जाओ।।
चित्रकूट के तीर पे
भई संतन की भीड़,
राम मेरे आ जाओ,
तुलसीदास जी गुण तेरे गायें,
आके बंधाओ धीर,
राम मेरे आ जाओ।।
तक तक राहें थक गयी अखियां,
थक गयी अंखिया,
तक तक राहें थक गयी अखियां,
थक गयी अंखिया,
आके मिटाओ पीर पीर
की बिगड़ी बनाओ तकदीर,
राम मेरे आ जाओ,
चित्रकूट के तीर पे
भई संतन की भीड़,
राम मेरे आ जाओ,
तुलसीदास जी गुण तेरे गायें,
आके बंधाओ धीर,
राम मेरे आ जाओ।।
चित्रकूट के तीर पे
भई संतन की भीड़,
राम मेरे आ जाओ,
तुलसीदास चन्दन घींसे
और तिलक करे रघुवीर
आके बंधाओ धीर,
राम मेरे आ जाओ,
चित्रकूट के तीर पे
भई संतन की भीड़,
राम मेरे आ जाओ,
तुलसीदास जी गुण तेरे गायें,
आके बंधाओ धीर,
राम मेरे आ जाओ।।

