चल तेरे प्रेम में
जो भी गलतियां है मेरी, कांधा मुझे सज़ा दे,
जो नसीब में है लिखा, अच्छा बुरा बता दे,
बता दे, बता दे, बता दे,
मैं अकेले में जब भी राहों से भटकूं,
नेक राहों पे मुझे चलने का सलीका सीखा दे, सीखा दे !
तेरी भक्ति में उतर जाते हैं-०२
चल तेरे प्रेम में पड़ जाते हैं-०२
तेरी भक्ति में संवर जाते हैं-०२
चल तेरे प्रेम में पड़ जाते हैं,
हां चल तेरे प्रेम में पड़ जाते हैं।
और इस भजन को भी देखें : भटकता मन है मोहन
मेरी हर बात में तू हीं तू है बसा,
कान्हा तुझसे हीं है मेरी अब हर सुबह,
मेरी हर बात में तू हीं तू है बसा,
कान्हा तुझसे हीं है मेरी अब हर सुबह,
तेरी और किशन अब ये मेरे कदम बढ़ना चाहते हैं,
चल तेरे प्रेम में पड़ जाते हैं,
हो चल तेरे प्रेम में पड़ जाते हैं।
तेरी भक्ति में भुला सब दिया मैंने है,
धुन में तेरी अब तो हर दिन लगे जीने है,
तेरी भक्ति में भुला सब दिया मैंने है,
धुन में तेरी अब तो हर दिन लगे जीने है,
लागे ना मन कहीं, अब तुमसे जो कभी,
लागे ना मन कहीं, अब तुमसे जो कभी दूर जाते हैं,
चल तेरे प्रेम में पड़ जाते हैं,
हो चल तेरे प्रेम में पड़ जाते हैं,
चल तेरे प्रेम में पड़ जाते हैं,
हो चल तेरे प्रेम में पड़ जाते हैं,
चल तेरे प्रेम में पड़ जाते हैं-०२

