Skip to content
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

विविध भजन

विविध भजन

पीवजी मन मत करजो उदास सदा तुम हासी न रहजो जी

विविध भजन

चार दिनों का ताप ये कैसा फिर विपदा है लाई

विविध भजन

के एक बारी आओ प्रभु

विविध भजन

सारो संसार दुःखी है सुखी कौन है सुनो

विविध भजन

पग पग पोरो पाप रो कलयुग में क्युं तड़पावो

विविध भजन

समय को भरोसो कोनी कद पलटी मार जावे

विविध भजन

माला जप लो अलख निजारी

विविध भजन

चालो मारी रेल भवानी

विविध भजन

उड़ जाएगा हंस अकेला जग दर्शन का मैला

विविध भजन

क्यूँ पानी मे मल मल नहाये

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 86 87 88 89 90 … 147 Next PageNext
Scroll to top
  • नवीनतम भजन
  • भजन जोड़ने के लिए निर्देश
  • भजन जोड़ें
Search