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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

विविध भजन

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सखी म्हारो कुण हुयो जो अपराध

आरती संग्रह | विविध भजन

सदा तुम आनंदे मूर्ति आरती

आरती संग्रह | विविध भजन

झिलमिल ज्योत झलक रया मोती आरती

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मोको लाग्यो रे सतसंगी थारो भाग जाग्यो रे

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कलजुग म रे तारणहार देव म्हारो भिलट रहयो गाजी रे

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अहो मेरे सिर पर सिंगा जबरा

विविध भजन

पंच तत्व की काया एको ध्यान राखजो

विविध भजन

शबद री लागे सो नर जाणे

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मैया अमरकंट वाली तुम हो मा भोली भाली

विविध भजन

धन धन सिंगाजी सुरमा

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