बिछा दो फूल गलियों में मेरे भोलेनाथ आये हैं
बिछा दो फूल गलियों में, की भोलेनाथ आये हैं,
की भोलेनाथ आये हैं,
बिछा दो फूल गलियों में, की भोलेनाथ आये हैं-०३
की भोलेनाथ आये हैं-०२
की भोलेनाथ आये हैं,उमा के साथ आये हैं-०२
सवारी भाये ना दूजी, चले हैं नंदी पे चढ़ के-०४
चले हैं नंदी पे चढ़ के,
नसीबो वाला दिन है ये,
नसीबो वाला दिन है ये, सुहानी रात आये हैं,
बिछा दो फूल गलियों में, की भोलेनाथ आये हैं।
समाधी लगते पर्वत पे, सर्दियाँ बीत जाती हैं-०४
सर्दियाँ बीत जाती हैं,
सभी पे करने अमृत की,
सभी पे करने अमृत की, प्रभु बरसात आये हैं,
बिछा दो फूल गलियों में, की भोलेनाथ आये हैं।
और इस भजन को भी देखें: भोले तेरी जटा में गंगा बह गयी
जिन्हें है आस दर्शन की, करेंगे कामना पूरी-०४
करेंगे कामना पूरी,
सवाली भक्तों के सर पे,
सवाली भक्तों के सर पे, वो रखने हाथ आये है,
बिछा दो फूल गलियों में, की भोलेनाथ आये हैं।
मेरे शिव भोले के जैसा, देव ना दयालु है दूजा- ०४
हाँ देव ना दयालु है दूजा,
सुनी है विनती अब करने,, प्रभु करामात आये हैं,
बिछा दो फूल गलियों में, की भोलेनाथ आये हैं-०३
