भोले तेरी जटा में गंगा बह गयी
भोले तेरी जटा में गंगा बह गयी, तेरी महिमा जग में अमर रह गयी,
तेरी एक झलक जो मैंने पा ली, दिल की हर धड़कन शिवमय हो गयी,
भोले तेरी जटा में गंगा बह गयी, भक्ति की धारा मन में बह गयी,
तेरे नाम का जप करते करते, मेरी सारी दुनिया बदल गयी।
कैलाशों के राजा ओ भोले भंडारी, तेरी महिमा सबसे है न्यारी,
माथे पे चंदा गले में नाग, तेरी सूरत लगे मुझे प्यारी,
डमरू की धुन जब गूँज उठे, मन मेरा झूम-झूम जाए,
तेरे चरणों की धुल जो पाए, उसका जीवन धन्य हो जाए,
तेरी कृपा की छाया हर संकट दूर भगाये,
तेरे नाम का सुमिरन मन मंदिर महकाये,
भोले तेरी जटा में गंगा बह गयी, तेरी महिमा जग में अमर रह गयी,
तेरी एक झलक जो मैंने पा ली, दिल की हर धड़कन शिवमय हो गयी।
और इस भजन से भी आनंदित हों: तुम हीं शंभू मेरा ठिकाना
सावन की फुहारों में तेरा नाम पुकारूँ, आँखों में तेरी छवि को हरपल संवारूँ,
नंदी के संग बैठे भोलेनाथ, अपने मन की बातें तुझसे कह डालूं,
भस्म रमाये अंग-अंग पर, दया का सागर बहता जाए ,
जो भी तेरे द्वार पे आये, खाली कभी ना लौट के जाए,
तेरी भक्ति का दीपक हर सांस में जल जाए,
तेरे प्रेम का रंग भोले मन को ऐसा भजाये,
हे शिव शंकर हे त्रिपुरारी, सुनलो विनती मेरी प्यारी,
तेरे बिना ना चैन पड़े, तू हीं दुनिया से न्यारी,
तेरी जटाओं से निकली गंगा, जग को पावन कर जाए,,
तेरी कृपा की एक बूँद, जीवन सफल बना जाए,
भोले तेरी जटा में गंगा बह गयी, तेरी महिमा जग में अमर रह गयी,
तेरी एक झलक जो मैंने पा ली, दिल की हर धड़कन शिवमय हो गयी,
भोले तेरी जटा में गंगा बह गयी, भक्ति की धारा मन में बह गयी,
तेरे नाम का जप करते करते, मेरी सारी दुनिया बदल गयी,
भोले तेरी जटा में गंगा बह गयी-०२

