भजन बिना बावरे तूने हीरा सो जानम गँवायो
भजन बिना बावरे तूने
हीरा सो जानम गँवायो।।
भजन बिना बावरे तूने
हीरा सो जानम गँवायो।।
कभी ना आयो प्रभु की शरण
नही हरी गुण गायो
तूने नही हरी गुण गायो
तूने हीरा सो जानम गँवयो।।
भजन बिना बावरे तूने
हीरा सो जानम गँवायो।।
रैन गवाई सोए के
और दिवस गँवयो खाए
हीरा जया जानम ये तेरा
कौड़ी बदले जाए
तूने हीरा सो जनम गँवयो।।
भजन बिना बावरे तूने
हीरा सो जानम गँवायो।।



