बस इसी बात से मुझसे ज़माना सारा जलता है
बस इसी बात से मुझसे
ज़माना सारा जलता है।।
बस इसी बात से मुझसे
ज़माना सारा जलता है।।
उन्हें तकलीफ है क्योंकि
श्याम मेरे साथ चलता है।।
जमाने की नहीं चिंता
ज़माना कैसे चलता है
मुझे चिंता है बस इसकी
ज़माना जिससे जलता है।।
बस इसी बात से मुझसे
ज़माना सारा जलता है।।
हमें है फक्र
जो संसार को है पालने वाला
बड़ा है पर वो मेरे छोटे से
दिल में मचालता है।।
बस इसी बात से मुझसे
ज़माना सारा जलता है
चड़ा तन मन पे जो मेरे
सांवरा रंग ना उतरेगा
रंगी इस्स रंग में जबसे
रंग हर शय बदला है
बस इसी बात से मुझसे
ज़माना सारा जलता है
बांके मीरा अंजलि मैं
जहर लेकर के पी जौ।।
बेधड़क इसमें भी कुछ
लोगो का या दम निकलाता है।।
बस इसी बात से मुझसे
ज़माना सारा जलता है।।
उन्हें तकलीफ है क्योंकि
श्याम मेरे साथ चलता है।।
बस इसी बात से मुझसे
ज़माना सारा जलता है।।


