बालाजी तेरे दरबार मे दीवाने आए है
बालाजी तेरे दरबार मे
दीवाने आए है।।
बालाजी तेरे दरबार में
दीवाने आए है।।
भक्ति में तेरे डूब के हम
मस्ताने आए है।।
बालाजी तेरे दरबार मे
दीवाने आए है।।
लगी बालाजी तेरी लगान है
तेरे दर्शन को तरसे नयन है।।
आश् पूरी करो अब हमारी
तेरे चर्नो के हम है पुजारी।।
दूर दूर से तेरा दर्शन
पाने आए है।।
बालाजी तेरे दरबार मे
दीवाने आए है।।
तेरा दरबार दुनिया से न्यारा
जो भी आए उससे तूने तारा।।
जोभी दिल से तुझे सुनाए
मन चाहा वो दर से ले जाए।।
हम भी अपनी किस्मत को
चमकने आए है।।
बालाजी तेरे दरबार में
दीवाने आए है।।
रामजी का जयकारा लगाए
हाथ में तेरा झंडा उठाए।।
नाचते गाते तेरे सेवक तुम्हारे
सोनू दरबार में तेरे आए।।
मीठे मीठे भजनो से
रिझाने आए है।।
बालाजी तेरे दरबार में
दीवाने आए है।।
