बजरंग हो तुम राम के काम आने वाले
बजरंग बली हो तू हो तुम राम रसिया
बड़ी उसी की बनी याद जिसे किया।।
सागर पार से सिया का संदेश लाने वाले
बजरंग हो तुम राम के काम आने वाले
मैने बोला है प्रसाद तेरे नाम से
मेरा मिलन करादो मेरे राम से।।
तुमी ने तो लंका जलयी
सागर पुंछ बुझायी।।
अपने लाल का बाल सुन सुन करे
हर्षी अंजना माई।।
तुम हो लाल लंगोटा वाले
श्री राम नाम मतवाले।।
मैने बोला है प्रसाद तेरे नाम से
मेरा मिलन करादो मेरे राम से।।
सागर पार से सिया का संदेश लाने वाले
बजरंग हो तुम राम के काम आने वाले।।
मैने बोला है प्रसाद तेरे नाम से
मेरा मिलन करादो मेरे राम से।।
अहिरावां पाताल का राजा
हर ले गया वो रघुरायि
काल के मुख प्रति महा काल बन
छुडा ले वो दो भयि।।
भिछड़े मीट मिलाने वाले
तुम संजीवनी लाने वाले।।
मैने बोला है प्रसाद तेरे नाम से
मेरा मिलन करादो मेरे राम से।।
रुद्र के अंश केशरी नंदनी
माँ अंजनी के दुलारे।।
जहां जाह भेड़ पड़ी भक्तो पेरू
तुम्हारी काज सांवरे।।
सूरज को निगलने वाले
पत्थर को तिराने वाले।।
मैने बोला है प्रसाद तेरे नाम से
मेरा मिलन करादो मेरे राम से।।
सागर पार से सीता का संदेश लाने वाले
बजरंग हो तुम राम के काम आने वाले।।
मैने बोला है प्रसाद तेरे नाम से
मेरा मिलन करादो मेरे राम से।।
