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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

विविध भजन

क्यों नशेयां दे विच पै गयो वे

आरती संग्रह | विविध भजन

जय भगवद्गीते मैय्या जय भगवद्गीते

विविध भजन

चल हंसा उस देश समद जहां मोती रे

विविध भजन

कृपा बरसा दईयो मोरी नर्मदा माई

विविध भजन

अपने मां बाप की याद जो मनाते हैं

विविध भजन

कर ले नारायण से प्यार यही दुनिया में सार

विविध भजन

जेहड़ा ताड़ियाँ वजावे ओह्दी लगे हाज़री

विविध भजन

हर सांस में हो सुमिरन तेरा ऐसा बना दो प्रभु जीवन मेरा

विविध भजन

जो विधि करम में लिखे विधाता

विविध भजन

सत्संग दा नजारा दो घड़ियां

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