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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

विविध भजन

जप ले हरी का नाम मेरे मन

विविध भजन

बूटी हरि नाम की सबको पिलाके पी

विविध भजन

घट घट में राम समाना

विविध भजन

मन रे अवगुण दूर भगा

विविध भजन

फुलवारी कोई उजड़े तो माली सींच सजाये

विविध भजन

जरे जरे में हैं झांकी भगवान की

विविध भजन

अपने चरणों की भक्ति भगवान् मुझे दे दो

विविध भजन

मन में खोट भरी और मुख में हरी

विविध भजन

मोको कहाँ ढूंढें बन्दे मैं तो तेरे पास में

विविध भजन

तुने अजब रचा भगवान खिलौना माटी का

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