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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

विविध भजन

झीनी झीनी बीनी चदरिया

विविध भजन

नाम है तेरा तरण हरा कब तेरा दर्शन होगा

विविध भजन

मां का आशिर्वाद जग में चारो धाम से न्यारा हैं

विविध भजन

घणा दिन सो लिया रे अब तो जाग

विविध भजन

इंसान सूना सूना गुरु ज्ञान के बिना रे

विविध भजन

ये तो सच है की भगवान है

विविध भजन

चढता सूरज धीरे धीरे ढलता है

विविध भजन

नाम प्रभु का भजले

najariya ho to aisi ho
श्री कृष्ण भजन

नजरिया हो तो ऐसी हो

he naath shambhoo tham lo mera haath
शिवजी भजन

हे नाथ शंभू थाम लो मेरा हाथ

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