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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

जैन भजन

साँची कहे तोरे आवन

जैन भजन

पुलक सागर जी गुरु वर का हुआ आगमन

जैन भजन

कौन कहता हैं भगवान आते नहीं

जैन भजन

मेवानगर के देव ओ भैरव वंदन सौ सौ बार

जैन भजन

भर दे रे गुरुदेव झोली भर दे ना बहलाओ बातों में

जैन भजन

हो बाबा रे, आजा रे

जैन भजन

जय जय भैरवनाथ हर तुफां का तु किनारा हैं

जैन भजन

तेरी दया से दादा मेरा काम हो रहा हैं

जैन भजन

नवकार महामंत्र णमोकार महामंत्र

जैन भजन

क्योंकि मेरे संग संग हैं नाकोड़ा भैरवनाथ

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