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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

meri jindagi ke malik
श्री हनुमान भजन

मेरी जिंदगी के मालिक

श्री राम भजन

छोड़ कर भजन न रंग ये तन

श्री राम भजन

अरे कुछ सोच जरा सा हैं तू किनसे आस लगाये

श्री राम भजन

चाहे कहिए राम राम राम राम

श्री राम भजन

मिथिला का कन कन खिला जमाई राजा राम मिला

श्री राम भजन

बंजारा बंजारा गाये राम धुन बंजारा

श्री राम भजन

तुम भी कहो रे सिया राम हम भी कहेंगे सिया राम

श्री राम भजन

मुझमे राम तुझमे राम सबमे राम समाये है

श्री राम भजन

जिन राम ना जाना क्या जाना फिर व्यार्थ हुआ आना जाना

श्री राम भजन

जो मुख राम जपे ना भैया वो पाछे पछताए

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