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भजन प्रवाह – Bhajan Pravah
भजन प्रवाह – Bhajan Pravah

Author: Bhajan Pravah

श्री राम भजन

रे मन हरी सुमिरन कर लीजे

श्री राम भजन

पालनहारी जग का केवट है खेवैया

श्री राम भजन

राम सिया राम सिया राम जय जय राम

श्री राम भजन

छायेगा फिर से भगवा होगी जीत हमारी जी

श्री राम भजन

राम का नाम कलयुग में अनमोल है

श्री राम भजन

मेरी बंधी राम से डोर भजन में बैठ गई

श्री राम भजन

श्री राम जय राम जय जय राम

श्री राम भजन

साथ देदो राम तो शायद सुधर जाएंगे

श्री राम भजन

तुम उठो सिया सिंगार करो शिव धनुष राम ने तोड़ा है

श्री राम भजन

घर घर में अब से हम भगवा लहराएंगे

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