|

आएगा मजा अब दिवाली का

  • Aayega Maja Ab Diwali Ka

आयेगा मजा अब दिवाली का, माँ के दर पे दीप जलाने का-०२

आज तो घर घर दीप जले हैं, खुशियों के जैसे फूल खिले हैं,
रंग बिरंगी रात सुहानी, आई है माँ की रात निराली,
झिलमिल झिलमिल दीपों की माला, चमक रहा है आँगन सारा,
हंसती हैं गलियां गाते हैं लोग, माँ के स्वागत में सजाते लोग,
आयेगा मजा अब दिवाली का, माँ के दर पे दीप जलाने का।

लाल चुनरिया रूप सुनहरा, चाँद भी देखे मुखड़ा तेरा,
माथे बिंदिया नैन निराले, कानों में चमके कुण्डल प्यारे,
कमल के फूलों का सिहांसन, मुख पर रे दमके दिव्य प्रकाशं,
हाथों में कमल चरणों में ज्योति, तेरी छवि से जग में खुशियां होती,
आयेगा मजा अब दिवाली का, माँ के दर पे दीप जलाने का-०२

आयेगा मजा अब दिवाली का, माँ के दर पे दीप जलाने का-०२

आज तो घर-घर दीप जले हैं, खुशियों के जैसे फूल खिले हैं,
रंग बिरंगी रात सुहानी, आई है माँ की रात निराली,
झिलमिल झिलमिल दीपों की माला, चमक रहा है आँगन सारा,
हंसती हैं गलियां गाते हैं लोग, माँ के स्वागत में सजाते लोग,
आयेगा मजा अब दिवाली का, माँ के दर पे दीप जलाने का-०२

और इसे भी देखें: आओ लक्ष्मी मैया मेरे घर दिवाली है

लाल चुनरिया रूप सुनहरा, चाँद भी देखे मुखड़ा तेरा,
माथे बिंदिया नैन निराले, कानों में चमके कुण्डल प्यारे,
कमल के फूलों का सिहांसन, मुख पर रे दमके दिव्य प्रकाशं,
हाथों में कमल चरणों में ज्योति, तेरी छवि से जग में खुशियां होती,
आयेगा मजा अब दिवाली का, माँ के दर पे दीप जलाने का।


मिलते-जुलते भजन...