आज धनु धारी घर आए हैं
हम हैं अवध के वासी गुमान हम हैं
धरती पर मर्यादा की आन हम हैं
दीपो से दीप जगमय है
लौट रहे अयोध्या वासी
लोटे रहे वन वासी
आज धनु धारी घर आए हैं।।
नीर सरयू का है पवन
घाट लगता है सुंदर लुभवन।।
मेरे रघुवर की है राजधानी
जिसकि पग पग पर मिलेगी निशानी
तारे जमी पर उतर आए हैं।।
लौट रहे अयोध्या वासी
लोटे रहे वन वासी
आज धनु धारी घर आए हैं।।
आओ दीपो की माला बनाएं
पल की खुशी निकल यू ना जाए।।
संजय अरमानो की है रंगोली
अंकित उतारी है खुशियों की टोली।।
कान कान में रामजी समय है
लौते वन वासी देखो
आज धनु धारी घर आए हैं।।

