आयी शरद पूनम की रात
आयी शरद पूनम की रात-०२
मधुवन में आज रच्यो महारास-०२
आयी शरद पूनम की रात-०२
मधुवन में आज रच्यो महारास-०२
चारो दिशाओं में मुरली की तान,
गोपियों के संग नाचे, राधे का श्याम-०२
धरती गगन झूमे, होके मगन,
कुंदन में छाया है, प्रेम का रंग,
करे चंदा की,
करे चंदा की किरणें प्रकाश-०२
मधुवन में आज रच्यो महारास-०२
और इस भजन को देखें: मुझे मंदिरों में मत ढूँढ़ो, मैं तुम्हारे ह्रदय में बसता हूँ
यमुना की लहरों में कैसा है शोर,
ले गया मन मेरा है चितचोर-०२
चरणों की दासी बाबरिया हुई,
मैं तो बस तेरी सांवरिया हुई-०२
रखले मुझको तू,
रखले मुझको तू चरणों के पास-०२
मधुवन में आज रच्यो महारास-०२
आयी शरद पूनम की रात-०२
मधुवन में आज रच्यो महारास-०४

