मुझे मंदिरों में मत ढूँढ़ो I मैं तुम्हारे ह्रदय में बसता हूँ
प्रभु बोले: मेरे भक्त तुम मुझे पुकारो या ना पुकारो, मैं फिर भी तुम्हारे पास रहता हूँ।
तुम मुझे ढूंढ़ते हो मंदिरों में, पर मैं तो तुम्हारे ह्रदय में बसता हूँ।
प्रभु बोले: तू मुझे अपना कहता रह, मैं तेरा साथ निभाता रहूं,
तू दुनिया से चाहे हार भी जाए, मैं तुझे जित सिखाता रहूं।
जब तेरी आँखे भर आती हैं, मैं तेरे आंसू गिनता हूँ,
तू सबसे छुपकर रो लेता है, मैं चुपचाप तुझे सुनता हूँ,
तू रातों में जब जागता है, मैं तेरे पास हीं रहता हूँ,
तू मुझको देख ना पाए लेकिन मैं तुझको देखता रहता हूँ,
और इस भजन को भी देखें: नारायण विष्णु भगवान मेरे
तू सोचता है मैं दूर बहुत हूँ, पर तेरी साँसों में रहता हूँ,
तेरी हर छोटी मुस्कान में, मैं अपना सुख देखा करता हूँ,
तू गिर जाए तो डरना मत, मैं तुझे उठाने आऊंगा,
तेरे हर टूटे सपने को, अपने हाथो से सजाऊंगा,
तू फूल चढ़ाये या ना चढ़ाये, मुझे उससे कुछ लेना नहीं,
तेरा सच्चा मन हीं काफी है, मुझे और कुछ चाहिए नहीं,
तू प्रेम से मेरा नाम जो ले ले, मैं बैकुंठ छोड़ चला आऊं,
तेरे छोटे से प्रेम के आगे,अपना सबकुछ भूल जाऊं,
जब दुनिया तुझको छोड़ भी दे, मैं तेरा हाथ ना छोडूंगा,
तू चाहे लाख बार टूट जाना, हर बार तुझे जोड़ूंगा,
मेरे बच्चे तू अकेला नहीं, मैं हर पल तेरे साथ खड़ा हूँ,
तू मेरा है बस मेरा है, मैं तेरा नारायण बना हूँ,
प्रभु बोले: तुम मुझे मंदिरों में मत ढूंढ़, मैं तेरी धड़कन में रहता हूँ,
तू प्रेम से बस नाम मेरा ले, मैं तेरे ह्रदय में बसता हूँ।
