मंदिर में जाएंगे सर को झुकायेंगे
हो मंदिर में जाएंगे सर को झुकायेंगे, सर को झुकाकर हम माँ को मनाएंगे,
पूजा करेंगे सुबह शाम, आके अब माँ के भवन में-०२
हो मंदिर में जाएंगे सर को झुकायेंगे, सर को झुकाकर हम माँ को मनाएंगे,
पूजा करेंगे सुबह शाम, आके अब माँ के भवन में-०२
माँ का सच्चा द्वारा है, आता जग यहाँ सारा है,
करता जो जयकारा है, उसका भाग्य संवारा है,
चलती पवन यहाँ प्यारी, माँ की महिमा न्यारी,
आते सब नर-नारी, सिंह की करती सवारी,
हो मंदिर सजाऊंगा, माँ को मनाऊंगा,
मंदिर में जाकर झूम-झूम गाऊंगा,
दिल से करेंगे प्रणाम, आके अब माँ के भवन में-०२
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माँ अम्बे जग जननी है, सबकी झोली भरती है,
ऊँचे पर्वत भवन सजा, हलवा पूरी भोग लगा,
चुनरी लाल चढ़ा के रे, चलो माँ को आज मना लेंगे,
नवरात्रों में जा के, चलो माँ के दर्शन पा लें,
जगराता कराऊंगा, दर्शन को जाऊँगा,
पूजा करेंगे सुबह शाम, आके अब माँ के भवन में-०२
हो मंदिर में जाएंगे सर को झुकायेंगे, सर को झुकाकर हम माँ को मनाएंगे,
पूजा करेंगे सुबह शाम, आके अब माँ के भवन में-०२
