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लेकर मैया का श्रृंगार

  • Lekar Maiya Ka Shringar

लेकर मैया का श्रृंगार, करती माँ की जय जयकार,
चलकर आयी मैं आयी, मैया के दरबार,
लेकर मैया का श्रृंगार, करती माँ की जय जयकार,
चलकर आयी मैं आयी, मैया के दरबार,

लाल-लाल चोला माँ का लाल-लाल चुनरी, माथे की बिंदिया लायी लाल-लाल मुंदरी-०२
गले की लायी नौलक्खा हार, करती माँ की जय जयकार-०२
चलकर आयी मैं आयी, मैया के दरबार-०२

चुन-चुन फूलों की माला बनायी, प्यार से माँ के मैंने गले पहनायी-०२
चूड़ी लायी मीनेदार, करती माँ की जय जयकार-०२
चलकर आयी मैं आयी, मैया के दरबार-०२

सोने का मैया मैं तो छतर चढ़ाऊँ, कानों में माँ के झुमके खूब सजाऊँ-०२
लहंगा लायी गोटेदार, करती माँ की जय जयकार-०२
चलकर आयी मैं आयी, मैया के दरबार-०२

पैरों में पायल लायी हांथो में कंगना, रोज बुहारूं मैं तो मैया तेरा अंगना-०२
आयी छोड़ के घर-वार, करती माँ की जय जयकार-०२
चलकर आयी मैं आयी, मैया के दरबार-०२

और इस भजन को देखें: माँ तेरे बिना मन माने ना

हलवा-पूड़ी का मैया भोग लगाऊं, पान-सुपारी माँ को भेंट चढ़ाऊँ-०२
चलकर आयी मैं आयी,
मैया चाहूँ तेरा प्यार, करती माँ की जय जयकार-०२
चलकर आयी मैं आयी, मैया के दरबार-०२


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