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इक बार पधारो मैया खड़े हैं हाथ जोड़

  • Ek Baar Padharo Maiya Khade Hain Haath Jod

इक बार पधारो मैया खड़े हैं हाथ जोड़, फिर ना जाना अब की भक्तों को यूँ छोड़-०२
अंगना में मैंने मैया चौक पुराया, चन्दन चौकी से मैया उसे सजाया-०२
आन विराजो उसपे करो ना देरी और,
इक बार पधारो मैया खड़े हैं हाथ जोड़, फिर ना जाना अब की भक्तों को यूँ छोड़।

फूलों से मैया मैंने घर को सजाया, तेरे नाम का मैया दीप जलाया-०२
पूछ रहे हैं बाती अब देर है कितनी और,
इक बार पधारो मैया खड़े हैं हाथ जोड़, फिर ना जाना अब की भक्तों को यूँ छोड़।

केसर चन्दन का मैया तिलक संजोया, लाल फूलों का मैया हार पिरोया-०२
आ जाना मैया जल्दी, दिल ना देना तोड़,
इक बार पधारो मैया खड़े हैं हाथ जोड़, फिर ना जाना अब की भक्तों को यूँ छोड़।

पान सुपारी मैया फल और मेवा, थाल सजाये मैया तेरे चरणों की सेवा-०२
स्वीकार करो मेरी मैया, आके लगाओ भोग,
इक बार पधारो मैया खड़े हैं हाथ जोड़, फिर ना जाना अब की भक्तों को यूँ छोड़।

भक्तों की सब तुम बिगड़ी बनाती, दर्शन से सब उनके कष्ट मिटाती,
भक्तों की तुम सब बिगड़ी बनाती, दर्शन से सब उनके कष्ट मिटाती,
मेरी भी सुन लो मैया, मुंह ना लेना मोड़,
इक बार पधारो मैया खड़े हैं हाथ जोड़, फिर ना जाना अब की भक्तों को यूँ छोड़।

स्वागत में द्वारे पे तोरण लगाई, ढ़ोल मंजीरा बाजे बाजे शहनाई-०२
तेरी दर्शन को मैया, भक्तों में लगी होड़,
इक बार पधारो मैया खड़े हैं हाथ जोड़, फिर ना वापिस जाना अपने भक्तों को छोड़।

और इस भजन को भी देखें : इतनी कृपा मैया जी बनाये रखना

देख मैया को आता गद-गद फुले, मैया का रूप भक्त कभी ना भूले-०२
आयी नौ रातें अब के, करके खुशियों का जोड़,
इक बार पधारो मैया खड़े हैं हाथ जोड़, फिर ना वापिस जाना अपने भक्तों को छोड़-०२


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