जय जय गजानंद देवा
ओम श्री गणेश देवाय नमः !
ओम श्री गणेश देवाय नमः !
गणेश भगवान की-जय !
लम्बोदर स्वामी की-जय !
विपत के हरैया, दुःख कलेश के मिटैया,
ना रे सुआ हो, जय जय गजानंद देवा,
सुआ हो, जय जय गजानंद देवा,
विपत के हरैया, दुःख कलेश के मिटैया,
ना रे सुआ हो, जय जय गजानंद देवा,
सुआ हो, जय जय गजानंद देवा,
विपत के हरैया, दुःख कलेश के मिटैया,
ना रे सुआ हो, जय जय गजानंद देवा,
सुआ हो, जय जय गजानंद देवा,
विपत के हरैया, दुःख कलेश के मिटैया,
ना रे सुआ हो, जय जय गजानंद देवा,
सुआ हो, जय जय गजानंद देवा,
ओ… जय जय गजानंद देवा, जय जय गजानंद देवा-०२
विपत के हरैया, दुःख कलेश के मिटैया,
ना रे सुआ हो, जय जय गजानंद देवा,
सुआ हो, जय जय गजानंद देवा।
एकदन्त दयावन्त चार भुजा धारी,
चार भुजा धारी स्वामी, चार भुजा धारी-०२
माथे मा तिलक सोहे, मूसवा के सवारी,
मूसवा के सवारी स्वामी मूसवा के सवारी-०२
एकदन्त दयावन्त चार भुजा धारी,
चार भुजा धारी स्वामी, चार भुजा धारी-०२
माथे मा तिलक सोहे, मूसवा के सवारी,
मूसवा के सवारी स्वामी मूसवा के सवारी-०२
माता है पार्वती, पिता महादेवा,
ना रे सुआ हो, जय जय गजानंद देवा,
सुआ हो, जय जय गजानंद देवा,
विपत के हरैया, दुःख कलेश के मिटैया,
ना रे सुआ हो, जय जय गजानंद देवा,
सुआ हो, जय जय गजानंद देवा।
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अन्धन को आँख देत, कोढ़िन को काया,
कोढ़िन को काया स्वामी, कोढ़िन को काया-०२
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को मया,
निर्धन को माया स्वामी, निर्धन को मया-०२
अन्धन को आँख देत, कोढ़िन को काया,
कोढ़िन को काया स्वामी, कोढ़िन को काया-०२
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को मया,
निर्धन को माया स्वामी, निर्धन को मया-०२
पान चढ़े फूल चढ़े, और चढ़े मेवा,
ना रे सुआ हो, जय जय गजानंद देवा,
सुआ हो, जय जय गजानंद देवा,
विपत के हरैया, दुःख कलेश के मिटैया,
ना रे सुआ हो, जय जय गजानंद देवा,
सुआ हो, जय जय गजानंद देवा।
