विदाई का भावुक पल
गणपति बप्पा मोरया !
मंगल मूर्ति मोरया !
आज विदाई का भावुक पल है, हर आँख में आंसू जल है,
दस दिन जैसे सपना बीता, घर आँगन खुशियों से जीता,
तेरी हंसी सी लगती थी, हर दीपक की जगमग रौशनी,
मोदक माला आरती प्यारी, बप्पा तेरी लीला न्यारी,
अब जग जाने की घड़ी आयी, दिल ने चुपके आँख भिंगोयी,
विदाई का भावुक पल आया, दिल ने तुझको फिर बुलाया,
जाना होगा फिर भी बप्पा, हर घर तेरा हीं साया,
गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ-०२
और इसे भी सुनें : रात रुको गणपत सवेरे चले जाना
ढ़ोल बजे पर मन ना नाचे, तेरे बिना ये दिल क्या गाये,
सागर की लहरें भी जैसे, तेरे यादों के गीत सुनाये,
हर बच्चे के आँखे नम है, हर चेहरे पे गम हीं गम है,
पर दिल में एक भरोसा, फिर आएगा अपना गणेशा,
जब भी मुश्किल राहों में होगी, तेरी कृपा साथ में होगी,
तेरा नाम जो दिल से लेंगे, सारे संकट दूर हीं होंगे,
विदाई का भावुक पल आया, भक्ति ने दिल को समझाया,
मिटटी की मूरत जाए, चाहे दिल में तेरा घर बसाया,
गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूरति मोरया,
गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।
