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शिव के दुलारे हैं गणपति

  • Shiv Ke Dulare Hain Ganpati

विघ्न हरण मंगल करन, गौरी सुत गणराज,
कंठ विराजो शारदा, अब आन बचाओ लाज।

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ,
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।

शिव के दुलारे हैं गणपति, गौरा के प्यारे अजी हैं गणपति,
वो बिगड़ी बनाते हैं मेरे गणपति,
शिव के दुलारे हैं गणपति, गौरा के प्यारे हैं गणपति,
बिगड़ी बनाते हैं मेरे गणपति, दुखड़े मिटाते हैं मेरे गणपति,
शिव के दुलारे हैं गणपति, गौरा के प्यारे हैं गणपति,
दुखड़े मिटाते हैं मेरे गणपति, वो बिगड़ी बनाते हैं मेरे गणपति।

मन मुरादें देते, मांग देवा वो देते सही में,
हे गजानन स्वामी, कर दो कृपा घडी दो घडी में,
भक्तों के रक्षक हैं, सृष्टि के स्वामी हैं मेरे गणपति,
वो बिगड़ी बनाते हैं मेरे गणपति।

बांझन को सूत दे डाले, निर्धन को वो धन का खजाना,
कृपा प्रभु की हो जाए, जीत जाए वो सारा जमाना,
अरे पूछो तो कौन हैं वो, के भक्तों के प्यारे हैं मेरे गणपति,
वो बिगड़ी बनाते हैं मेरे गणपति।

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मुझको भी दर्शन दिखाओ, देवा आये हैं दर पे तुम्हारे,
तुम्हीं हकारे सहईया, तेरे बिन ना है कोई सहारे,
अरे देखो तो कौन हैं वो, शिव के दुलारे हैं मेरे गणपति,
वो गौरा के प्यारे हैं, मेरे गणपति,
शिव के दुलारे हैं गणपति, गौरा के प्यारे हैं गणपति,
भक्तों के प्यारे हैं मेरे गणपति,
वो तो बिगड़ी बनाते हैं मेरे गणपति,
हाँ जी सबको हंसाते हैं मेरे गणपति,
सबकी बिगड़ी बनाते हैं मेरे गणपति,
वो तो दर्शन दिखाते हैं मेरे गणपति,
मेरे गणपति, प्यारे गणपति, मेरे गणपति।

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