वो तो मूषक चढ़कर आया है सखी
वो तो मूषक चढ़कर आया है सखी, सिद्धि विनायक गणपति-०२
वो तो मूषक चढ़कर आया है सखी, वक्रतुंड मंगल मूर्ति।
गणपति देवा की लीला है न्यारी-०२
गजमुख सूरत सबसे है प्यारी-०२
वो तो संकट दूर भगावे हैं सखी, सिद्धि विनायक गणपति-०२
वो तो मूषक चढ़कर आया है सखी, वक्रतुंड मंगल मूर्ति।
शिव शंकर के हैं राज दुलारे-०२
माँ गौरा के नैनों के तारे-०२
वो तो मंगल करने आया है सखी, सिद्धि विनायक गणपति-०२
वो तो मूषक चढ़कर आया है सखी, वक्रतुंड मंगल मूर्ति।
सबसे पहले पूजा तुम्हारी-०२
हरते सबकी विपदा भारी-०२
मैंने मोदक थाल सजाया है सखी, सिद्धि विनायक गणपति-०२
वो तो मूषक चढ़कर आया है सखी, वक्रतुंड मंगल मूर्ति।
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वो तो मूषक चढ़कर आया है सखी, सिद्धि विनायक गणपति-०२
वो तो मूषक चढ़कर आया है सखी, वक्रतुंड मंगल मूर्ति।
