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आओ श्री गणेशा

  • Aao Shree Ganesha

मंगल मूर्ति नरेशा, आओ श्री गणेशा-०४
स्वागत तुम्हारा होगा,
स्वागत तुम्हारा होगा, हर साल के हीं जैसा,
मंगल मूर्ति नरेशा, आओ श्री गणेशा-०२

एक साल में चतुर्थी, आती है तेरी देवा,
पधरा के तुझको घर में, तेरी करेंगे सेवा,

एक साल में चतुर्थी, आती है तेरी देवा,
पधरा के तुझको घर में, तेरी करेंगे सेवा,
जो सबके मन को भाये,
जो सबके मन को भाये, श्रृंगार करें ऐसा,
मंगल मूर्ति नरेशा, आओ श्री गणेशा-०२

देवों में सबसे पहले, होती है तेरी पूजा,
देवों में तेरे जैसा, ना देव कोई दूजा,

देवों में सबसे पहले, होती है तेरी पूजा,
देवों में तेरे जैसा, ना देव कोई दूजा,
हैं पार्वती माँ तेरी,
हैं पार्वती माँ तेरी, और पिता श्री महेशा,
मंगल मूर्ति नरेशा, आओ श्री गणेशा-०२

चौकी बिठा के तुझको, मिलके करेंगे वंदन,
पहना के मुकुट सिर पर, माथे लगाए चन्दन,

चौकी बिठा के तुझको, मिलके करेंगे वंदन,
पहना के मुकुट सिर पर, माथे लगाए चन्दन,
तेरे भोग में लायेंगे,
तेरे भोग में लायेंगे, हम लड्डू हीं हमेशा,
मंगल मूर्ति नरेशा, आओ श्री गणेशा-०२

गणेश चतुर्थी गणेश जी के सोहर

मैं हूँ अनाड़ी सेवक, कर माफ़ गलती देना,
जो भेंट बने मुझसे, स्वीकार कर लेना,

मैं हूँ अनाड़ी सेवक, कर माफ़ गलती देना,
जो भेंट बने मुझसे, स्वीकार कर लेना,
कहीं रूठ तुम ना जाओ,
कहीं रूठ तुम न जाओ, इस डर का हैं अंदेशा,
मंगल मूर्ति नरेशा, आओ श्री गणेशा-०२


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