भोले की नगरी में आजा
अब फिर से सावन आया, हम आ गए तेरे द्वार पे,
तेरी लीला ऐसी भोले, कर देती बेड़ा पार ऐ,
अब फिर से सावन आया, हम आ गए तेरे द्वार पे,
तेरी लीला ऐसी भोले, कर देती बेड़ा पार ऐ,
ओ कभी हरिद्वार कभी नीलकंठ पे, तेरा हीं तो वास मिले भोले,
अरे भोले की नगरी में आजा, तेरे बिगड़े काम चले,
शम्भू का जैकारा ला ले, बन्दे तेरे हर काम बने,
अरे भोले की नगरी में आजा, तेरे बिगड़े काम चले,
शम्भू का जैकारा ला ले, बन्दे तेरे हर काम बने।
ओ कित पहाड़ा में डेरे लाके, तू बैठ गया भोले,
हम भगत तेरे दीवाने, तेरा पीछा ना छोड़े,
इस कलियुग की दुनिया में, अपना कोई नहीं भोले,
बस तू हीं मेरा अपना है, ये दिल मेरा बोले,
हम हरिद्वार से नीलकंठ तक, तेरा नाम हीं बोले भोले,
अरे भोले की नगरी में आजा, तेरे बिगड़े काम चले,
शम्भू का जैकारा ला ले, बन्दे तेरे हर काम बने,
अरे भोले की नगरी में आजा, तेरे बिगड़े काम चले,
शम्भू का जैकारा ला ले, बन्दे तेरे हर काम बने।
और इस भजन को भी देखें: जब कोई साथ ना दे
जब भोले तेरा डमरू बाजे, संकट भी कट जाए,
अकाल मृत्यु भी पीछे हट जाये, नाम तेरा जहाँ आये,
अरे भस्म लगा के मस्त मलंगा, सबको गले लगाए,
अरे भोले के दर पे आने वाला, ना खाली जाए,
ओ तेरी लीला अपरम्पार है भोले, ये मैं जानूं या तू जाने भोले,
अरे भोले की नगरी में आजा, तेरे बिगड़े काम चले,
शम्भू का जैकारा ला ले, बन्दे तेरे हर काम बने,
अरे भोले की नगरी में आजा, तेरे बिगड़े काम चले,
शम्भू का जैकारा ला ले, बन्दे तेरे हर काम बने।

