कुंज बिहारी लाज रखो जय जय श्री हरी दस दुलारी

  • Kunj Bihari Laaj Rakho Jai Jai Shri Hari Das Dulari

कुंज बिहारी लाज रखो
कुंज बिहारी मेरे कुंज बिहारी
जाई जाई श्री हरी दस दुलारी
श्यामा प्यारी प्यारी कुंज बिहारी बिहारी
कुंज बिहारी लाल मेरे सरताजहिंदू धर्म

पहले कुछ प्रेम बड़ा कुछ करके
फिर डोर खड़े मुस्कते रहे
करुणा करनी तो डोर रही
करुणा निधि होके सताने लगे

मुकुट की लटकन की झलक
मेरे कुंज बिहारी लाल
मेरे रस बिहारी लाल

तुम दीनन की सरकार
तुम भक्तन की सरकार
तुम दासन की सरकार
तुम हो प्यारे दीना नाथ
मेरे कुंज बिहारी सरकार
मेरे रस बिहारी सरकारकविता

आओ आओ जी बिहारी आज्ञा में
आओ आओ जी बिहारी आज्ञा में
बस बस जाओ इन नैना में

जो तुझसे ना सुलझे तेरे उलझे हुए धांडे
मेरे बिहारी जी पर छ्चोड़ दे तू बंदे
तेरी हर मुश्किल आसान करेंगे
जो तू ना कर सका उससे बिहारी जी करेंगे

मोर मुकुट काट कच्चुली करू उरमाये
आए मलिक मेरे मन बसो सदा बिहारी लाल

मेरे कुंज बिहारी साकार
मेरे रस बिहारी सरकार
मेरे बनके बिहारी सरकार
मेरे कुंज बिहारी साकार

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